UPI डिजिटल पेमेंट आज हमारे दैनिक जीवन का अहम हिस्सा बन चुका है। मोबाइल से कुछ ही सेकंड में पैसे ट्रांसफर करना अब आम बात है। इसी को और सुरक्षित और आसान बनाने के लिए 2026 में UPI से जुड़े कुछ नए नियम लागू किए जा रहे हैं। ये बदलाव उपयोगकर्ताओं को धोखाधड़ी से बचाने और लेन-देन को अधिक सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से किए गए हैं।
UPI सिस्टम को National Payments Corporation of India (NPCI) संचालित करता है, जो समय-समय पर सुरक्षा और सुविधा को बेहतर बनाने के लिए अपडेट जारी करता है।
बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन की शुरुआत
2026 के बड़े अपडेट में बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन शामिल है। अब केवल UPI PIN पर निर्भर रहने के बजाय, उपयोगकर्ता फिंगरप्रिंट या फेस आईडी के जरिए भी भुगतान की पुष्टि कर सकेंगे।
इसका फायदा यह है कि अगर आपका मोबाइल किसी और के हाथ में चला जाए, तो भी वह बिना आपकी बायोमेट्रिक पहचान के पेमेंट नहीं कर पाएगा। इससे फ्रॉड के मामलों में कमी आने की उम्मीद है।
‘कूल-ऑफ’ पीरियड की सुविधा
कई बार जल्दीबाजी में गलत व्यक्ति को पैसे भेज दिए जाते हैं या गलत राशि दर्ज हो जाती है। इस समस्या को कम करने के लिए 5,000 रुपये या उससे अधिक के ट्रांजैक्शन पर 10 से 15 मिनट का ‘कूल-ऑफ’ पीरियड दिया जाएगा।
इस दौरान आप ट्रांजैक्शन की समीक्षा कर सकते हैं। यदि गलती का पता चलता है, तो आप उसे रद्द कर सकते हैं। यह सुविधा खासकर नए उपयोगकर्ताओं और बुजुर्गों के लिए काफी मददगार साबित हो सकती है।
बड़े और संवेदनशील ट्रांजैक्शन पर अतिरिक्त सुरक्षा
यदि आप बड़ी रकम का भुगतान करते हैं, तो आपको एक अतिरिक्त सुरक्षा कोड दर्ज करना होगा। यह कोड आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा।
इससे खातों की सुरक्षा और मजबूत होगी। इसलिए यह जरूरी है कि आपका मोबाइल नंबर बैंक में सही और अपडेटेड हो।
UPI ऐप्स में ‘सेफ्टी बटन’ फीचर
नए अपडेट के तहत UPI ऐप्स में एक ‘सेफ्टी बटन’ जोड़ा जाएगा। इस बटन की मदद से आप तुरंत अपने हाल के सभी लेन-देन देख सकते हैं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की पहचान कर सकते हैं।
अगर कोई अनजान ट्रांजैक्शन दिखाई देता है, तो आप तुरंत कार्रवाई कर सकते हैं। इससे उपयोगकर्ताओं को अपने खाते पर अधिक नियंत्रण मिलेगा।
UPI से अधिक सेवाओं का लाभ
अब UPI के जरिए सिर्फ पैसे ट्रांसफर ही नहीं, बल्कि बीमा प्रीमियम, बिजली बिल, पानी बिल और अन्य सेवाओं का भुगतान भी आसानी से किया जा सकेगा।
QR कोड स्कैनिंग प्रक्रिया को भी और तेज बनाया गया है, जिससे भुगतान पहले से अधिक फास्ट और स्मूद होगा।
निष्कर्ष
2026 में UPI के नए नियम डिजिटल पेमेंट को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और उपयोगकर्ता अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम हैं। बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन, कूल-ऑफ पीरियड, अतिरिक्त सुरक्षा कोड और सेफ्टी बटन जैसे फीचर्स से धोखाधड़ी के मामलों में कमी आ सकती है।
इन बदलावों के साथ डिजिटल लेन-देन पहले से ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद हो जाएगा। उपयोगकर्ताओं को चाहिए कि वे अपने बैंक और UPI ऐप को समय-समय पर अपडेट रखें और सुरक्षा नियमों का पालन करें।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
1. क्या 2026 में UPI से भुगतान करने के लिए PIN की जरूरत नहीं होगी?
PIN की सुविधा बनी रहेगी, लेकिन अब आप फिंगरप्रिंट या फेस आईडी जैसे बायोमेट्रिक विकल्प का भी उपयोग कर सकेंगे।
2. कूल-ऑफ पीरियड क्या है?
5,000 रुपये या उससे अधिक के भुगतान पर 10-15 मिनट का समय मिलेगा, जिसमें आप ट्रांजैक्शन की समीक्षा कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर उसे रद्द कर सकते हैं।
3. अतिरिक्त सुरक्षा कोड कब आवश्यक होगा?
बड़े या संवेदनशील ट्रांजैक्शन करते समय आपके मोबाइल पर एक ओटीपी या सुरक्षा कोड भेजा जाएगा, जिसे दर्ज करना जरूरी होगा।
4. सेफ्टी बटन का क्या फायदा है?
सेफ्टी बटन की मदद से आप तुरंत अपने हाल के लेन-देन देख सकते हैं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की पहचान कर सकते हैं।
5. क्या UPI से अब अन्य बिलों का भुगतान भी किया जा सकता है?
हाँ, अब UPI के माध्यम से बीमा प्रीमियम, बिजली बिल और अन्य सेवाओं का भुगतान भी आसानी से किया जा सकता है।