Ration Card Updates 2026 महाराष्ट्र में राशन कार्ड धारकों के लिए वर्ष 2026 में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में बदलाव के संकेत दिए हैं। नई नीति के तहत कुछ जिलों में चावल की जगह मक्का वितरित किया जा सकता है। इस फैसले का असर लाखों राशन कार्ड धारकों पर पड़ेगा।
चावल की जगह मक्का देने का कारण
महाराष्ट्र में पिछले कुछ वर्षों में मक्के का उत्पादन काफी बढ़ा है। स्थानीय किसानों को बाजार उपलब्ध कराने और सरकार का परिवहन खर्च कम करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया जा रहा है।
मक्का को पोषण के लिहाज से भी अच्छा माना जाता है। इसमें फाइबर और प्रोटीन पर्याप्त मात्रा में होते हैं, जो पाचन और स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं। इसलिए सरकार इसे राशन प्रणाली में शामिल करने पर विचार कर रही है।
राशन कार्ड के प्रकार और नया वितरण नियम
यह योजना Maharashtra State Food Civil Supplies Department द्वारा लागू की जा रही है। 2026 के नए अपडेट के अनुसार राशन कार्ड के प्रकार के आधार पर धान्य वितरण इस प्रकार रहेगा:
1. अंत्योदय अन्न योजना (पीला कार्ड)
इस कार्ड के तहत अत्यंत गरीब परिवारों को प्रति परिवार 35 किलो अनाज मिलता है। अब इसमें चावल के स्थान पर कुछ हिस्सा मक्के का शामिल किया जा सकता है।
2. प्राथमिकता परिवार (केशरी कार्ड)
इन लाभार्थियों को प्रति व्यक्ति 5 किलो अनाज मिलता है। इसमें 3 किलो गेहूं और 2 किलो चावल या मक्का दिया जाएगा।
3. सफेद राशन कार्ड
यह कार्ड केवल पहचान पत्र के रूप में उपयोग होता है। इस पर सब्सिडी वाला अनाज नहीं मिलता है।
किन जिलों में लागू होगा नया नियम?
यह बदलाव पूरे राज्य में एक साथ लागू नहीं होगा। पहले इसे उन जिलों में प्रायोगिक तौर पर लागू किया जाएगा जहां मक्के का उत्पादन अधिक है।
-
उत्तर महाराष्ट्र: नाशिक, जलगांव, अहमदनगर
-
मराठवाड़ा: छत्रपति संभाजीनगर, जालना, परभणी
-
विदर्भ: बुलढाणा और अमरावती के कुछ हिस्से
मुंबई, ठाणे और पुणे जैसे बड़े शहरों में फिलहाल चावल और गेहूं का वितरण पहले की तरह जारी रहेगा।
मक्का खाने के स्वास्थ्य लाभ
मक्का सेहत के लिए लाभकारी माना जाता है।
-
इसमें फाइबर अधिक होता है, जिससे पाचन बेहतर होता है।
-
यह ऊर्जा का अच्छा स्रोत है।
-
मक्के के आटे से रोटी, थालीपीठ, उपमा और अन्य पौष्टिक व्यंजन बनाए जा सकते हैं।
इस बदलाव से लोगों को संतुलित और पौष्टिक आहार मिल सकता है।
राशन कार्ड की ऑनलाइन जांच कैसे करें?
राशन कार्ड धारक अपने खाते में जमा अनाज की जानकारी घर बैठे ऑनलाइन देख सकते हैं। इसके लिए राज्य सरकार के ‘MahaPDS’ पोर्टल का उपयोग किया जा सकता है।
साथ ही यदि आपका ई-केवाईसी (e-KYC) पूरा नहीं है, तो तुरंत नजदीकी राशन दुकान पर जाकर यह प्रक्रिया पूरी करें। केवाईसी अधूरी होने पर राशन बंद हो सकता है।
निष्कर्ष
राशन कार्ड अपडेट 2026 के तहत चावल की जगह मक्का देने का फैसला किसानों और उपभोक्ताओं दोनों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। इससे स्थानीय कृषि को बढ़ावा मिलेगा और नागरिकों को पौष्टिक अनाज उपलब्ध होगा। हालांकि यह नियम सभी जिलों में एक साथ लागू नहीं होगा। राशन से जुड़ी सटीक जानकारी के लिए हमेशा सरकारी वेबसाइट या अधिकृत कार्यालय से जानकारी प्राप्त करें।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
1. क्या पूरे महाराष्ट्र में चावल की जगह मक्का मिलेगा?
नहीं, यह बदलाव फिलहाल केवल कुछ चुनिंदा जिलों में प्रायोगिक तौर पर लागू किया जाएगा।
2. अंत्योदय कार्ड धारकों को कितना अनाज मिलेगा?
अंत्योदय कार्ड धारकों को प्रति परिवार 35 किलो अनाज मिलेगा, जिसमें चावल की जगह कुछ हिस्सा मक्के का हो सकता है।
3. क्या मक्का स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है?
हाँ, मक्का में फाइबर और प्रोटीन पर्याप्त मात्रा में होते हैं, जो पाचन और ऊर्जा के लिए लाभदायक हैं।
4. राशन की जानकारी ऑनलाइन कैसे देखें?
आप राज्य सरकार के MahaPDS पोर्टल पर जाकर अपने राशन की जानकारी ऑनलाइन देख सकते हैं।
5. अगर ई-केवाईसी पूरा नहीं है तो क्या होगा?
यदि ई-केवाईसी पूरी नहीं की गई है, तो आपका राशन अस्थायी रूप से बंद किया जा सकता है, इसलिए इसे समय पर पूरा करना जरूरी है