Land Registry Rule big update जमीन खरीदने और बेचने से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। वर्ष 2026 में भूमि पंजीकरण (रजिस्ट्री) प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए नए नियम लागू किए जा रहे हैं। बिहार सरकार के नए आदेश और केंद्र सरकार के प्रस्तावित कानून का मुख्य उद्देश्य जमीन से जुड़े विवादों को कम करना और फर्जीवाड़े पर रोक लगाना है।
देश में बढ़ते भूमि विवाद और धोखाधड़ी के मामलों को देखते हुए सरकार ने रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को डिजिटल और अधिक सुरक्षित बनाने का निर्णय लिया है। आइए जानते हैं इस नए नियम की पूरी जानकारी सरल भाषा में।
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य बनाने की तैयारी
सरकार भूमि रजिस्ट्री की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन करने की दिशा में काम कर रही है। प्रस्तावित कानून के तहत दस्तावेजों का डिजिटल संरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा। इससे रजिस्ट्री से जुड़े रिकॉर्ड सुरक्षित रहेंगे और भविष्य में किसी भी तरह के विवाद की संभावना कम होगी।
यह नया मसौदा 117 साल पुराने रजिस्ट्रेशन अधिनियम की जगह ले सकता है। ग्रामीण विकास मंत्रालय के अंतर्गत भूमि संसाधन विभाग ने इस मसौदे को जनता की राय के लिए जारी किया है। यदि यह कानून लागू होता है तो पूरे देश में एक समान रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया लागू की जा सकती है।
आधार आधारित सत्यापन होगा जरूरी
नए नियम के तहत जमीन रजिस्ट्री के समय आधार आधारित सत्यापन प्रणाली लागू की जाएगी। इसका उद्देश्य फर्जी दस्तावेजों और गलत पहचान के जरिए होने वाले धोखाधड़ी के मामलों को रोकना है।
हालांकि, जिन लोगों के पास आधार नहीं है या जो आधार साझा नहीं करना चाहते, उनके लिए वैकल्पिक सत्यापन की व्यवस्था भी की जाएगी। इससे आम नागरिकों को परेशानी नहीं होगी और प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहेगी।
डिजिटल दस्तावेज और प्रमाण पत्र
सरकार डिजिटल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और रिकॉर्ड के ऑनलाइन रखरखाव की अनुमति देने जा रही है। अब दस्तावेजों की प्रस्तुति और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से पूरी की जा सकेगी।
इससे लोगों को बार-बार रजिस्ट्रार कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। साथ ही दस्तावेजों की सुरक्षा भी बढ़ेगी और रिकॉर्ड कभी खोने का डर नहीं रहेगा।
किन दस्तावेजों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य?
नए मसौदे के तहत एग्रीमेंट टू सेल, सेल्फ सर्टिफिकेट, पावर ऑफ अटॉर्नी और इक्विटेबल मॉर्गेज जैसे दस्तावेजों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया जा सकता है। इससे जमीन की खरीद-बिक्री में पारदर्शिता आएगी और भविष्य में कानूनी विवाद कम होंगे।
फिलहाल देश में पुराना रजिस्ट्रेशन अधिनियम लागू है, लेकिन राज्यों को इसमें संशोधन करने का अधिकार है। कई राज्यों ने पहले ही ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा शुरू कर दी है। अब केंद्र सरकार पूरे देश में एक समान कानून लागू करने की दिशा में कदम उठा रही है।
आम लोगों को क्या होगा फायदा?
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जमीन खरीद-बिक्री की प्रक्रिया पारदर्शी होगी।
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फर्जी रजिस्ट्री और धोखाधड़ी के मामलों में कमी आएगी।
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ऑनलाइन सुविधा से समय और पैसे की बचत होगी।
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डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहेंगे और कभी खोएंगे नहीं।
निष्कर्ष
जमीन रजिस्ट्री से जुड़े नए नियम वर्ष 2026 में बड़ा बदलाव साबित हो सकते हैं। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, आधार आधारित सत्यापन और डिजिटल दस्तावेजों की व्यवस्था से भूमि विवादों पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकेगी। बिहार सरकार और केंद्र सरकार का यह कदम आम नागरिकों के लिए राहत भरा है। यदि आप जमीन खरीदने या बेचने की योजना बना रहे हैं, तो नए नियमों की जानकारी जरूर रखें और आधिकारिक वेबसाइट पर समय-समय पर अपडेट चेक करते रहें।
FAQ
1. क्या अब जमीन रजिस्ट्री पूरी तरह ऑनलाइन होगी?
सरकार ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य बनाने की तैयारी कर रही है, जिससे भविष्य में अधिकांश प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से पूरी की जा सकेगी।
2. क्या रजिस्ट्री के लिए आधार अनिवार्य होगा?
नए प्रस्ताव के अनुसार आधार आधारित सत्यापन जरूरी हो सकता है, लेकिन जिनके पास आधार नहीं है उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी उपलब्ध होगी।
3. किन दस्तावेजों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया जाएगा?
एग्रीमेंट टू सेल, पावर ऑफ अटॉर्नी और इक्विटेबल मॉर्गेज जैसे दस्तावेजों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया जा सकता है।
4. क्या यह नियम पूरे देश में लागू होगा?
केंद्र सरकार एक समान कानून लाने की तैयारी में है, जिससे यह नियम पूरे देश में लागू हो सकता है।
5. नए नियम से आम लोगों को क्या फायदा होगा?
नए नियम से जमीन से जुड़े विवाद कम होंगे, धोखाधड़ी रुकेगी और रजिस्ट्री प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनेगी।