Poultry Farming Subsidy भारत में पोल्ट्री फार्मिंग यानी कोंबड़ी पालन एक तेजी से बढ़ता हुआ व्यवसाय है। महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में अंडे और चिकन की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सरकार इस व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी और सस्ती ब्याज दर पर कर्ज की सुविधा दे रही है। अगर आप भी पोल्ट्री फार्म शुरू करना चाहते हैं, तो यह जानकारी आपके लिए उपयोगी है।
कोंबड़ी पालन व्यवसाय क्यों फायदेमंद है
कोंबड़ी पालन कम पूंजी में शुरू किया जा सकता है और इसमें नियमित आय की संभावना रहती है। अंडे और मांस की बाजार में हमेशा मांग रहती है। सही प्रबंधन और देखभाल से कम समय में अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। सरकार की योजनाओं से आर्थिक जोखिम भी कम हो जाता है।
प्रमुख सरकारी योजनाएं और सब्सिडी
1. राष्ट्रीय पशुधन अभियान (NLM)
इस योजना के तहत पोल्ट्री फार्म, हैचरी और ब्रूडर यूनिट के लिए 50 प्रतिशत तक सब्सिडी मिल सकती है। अधिकतम 25 लाख रुपये तक की सहायता दी जा सकती है। यह योजना बड़े प्रोजेक्ट के लिए फायदेमंद है।
2. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY)
इस योजना के तहत 10 लाख रुपये तक का लोन मिल सकता है। महिला, SC, ST और OBC वर्ग के आवेदकों को विशेष लाभ मिलता है। छोटे और मध्यम स्तर के फार्म के लिए यह योजना उपयुक्त है।
3. पशुपालन अवसंरचना विकास निधि (AHIDF)
इसमें 90 प्रतिशत तक बैंक लोन और 3 प्रतिशत तक ब्याज में छूट मिलती है। आधुनिक तकनीक से फार्म शुरू करने वालों के लिए यह योजना उपयोगी है।
सब्सिडी की राशि और पात्रता
सब्सिडी योजना और आवेदक की श्रेणी पर निर्भर करती है।
सामान्य वर्ग को लगभग 25 प्रतिशत तक अनुदान मिल सकता है।
SC, ST और OBC वर्ग को 33 प्रतिशत या उससे अधिक सहायता मिल सकती है।
महिला उद्यमियों को अतिरिक्त लाभ दिया जाता है।
आवेदक की आयु 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। पोल्ट्री पालन का प्रशिक्षण या अनुभव होना जरूरी है। अपनी या लीज पर ली गई जमीन उपलब्ध होनी चाहिए और बैंक का रिकॉर्ड साफ होना चाहिए।
किन बैंकों से मिल सकता है लोन
पोल्ट्री फार्मिंग के लिए कई बैंक कर्ज देते हैं जैसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, पंजाब नेशनल बैंक, एचडीएफसी बैंक और नाबार्ड समर्थित बैंक। ब्याज दर सामान्यतः 7 प्रतिशत से 14 प्रतिशत के बीच हो सकती है। बैंक EMI की सुविधा भी देते हैं।
आवेदन प्रक्रिया कैसे करें
सबसे पहले एक मजबूत प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करें जिसमें लागत, अनुमानित आय और योजना का विवरण हो।
फिर नजदीकी बैंक में जाकर आवेदन करें या ऑनलाइन आवेदन करें।
आधार कार्ड, पैन कार्ड, जमीन के कागजात और प्रोजेक्ट रिपोर्ट जमा करें।
जरूरत होने पर प्रशिक्षण पूरा करें।
बैंक से मंजूरी मिलने के बाद लोन खाते में जमा होगा और प्रोजेक्ट पूरा होने पर सब्सिडी दी जाएगी।
व्यवसाय के प्रमुख लाभ
कोंबड़ी पालन से नियमित आय मिलती है।
कम समय में निवेश पर अच्छा रिटर्न मिलता है।
सरकारी सहायता से आर्थिक बोझ कम होता है।
स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं।
निष्कर्ष
कोंबड़ी पालन व्यवसाय आज के समय में एक लाभदायक और सुरक्षित विकल्प बन गया है। सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी और लोन सुविधाओं से इस व्यवसाय को शुरू करना आसान हो गया है। यदि आप सही योजना, प्रशिक्षण और बाजार की समझ के साथ शुरुआत करते हैं, तो कम समय में अच्छा लाभ कमा सकते हैं। आवेदन करने से पहले संबंधित योजना की आधिकारिक जानकारी जरूर जांच लें।
FAQ
1. पोल्ट्री फार्मिंग के लिए कितनी सब्सिडी मिलती है?
सब्सिडी योजना और श्रेणी के अनुसार 25 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक मिल सकती है।
2. क्या बिना अनुभव के लोन मिल सकता है?
कुछ योजनाओं में प्रशिक्षण अनिवार्य होता है, इसलिए अनुभव या प्रशिक्षण होना जरूरी है।
3. अधिकतम कितना लोन मिल सकता है?
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 10 लाख रुपये तक और अन्य योजनाओं में प्रोजेक्ट के अनुसार अधिक राशि मिल सकती है।
4. क्या महिलाओं को विशेष लाभ मिलता है?
हाँ, महिला उद्यमियों को कई योजनाओं में अतिरिक्त सब्सिडी और रियायती ब्याज दर का लाभ मिलता है।
5. आवेदन करने के बाद सब्सिडी कब मिलती है?
आम तौर पर प्रोजेक्ट पूरा होने और सत्यापन के बाद सब्सिडी की राशि जारी की जाती है।